वंदे मातरम: ज्वेलरी ब्रांड Tanishq के एक विज्ञापन के कंटेंट ने Social Media पर ऐसी बहस छेड़ी की मजबूरन इस ऐड को YouTube से कंपनी को हटाना पड़ा. इस विज्ञापन के ज़रिए जो संदेश था सवाल उसे लेकर उठे. एड में एक गर्भवती हिन्दू महिला की मुस्लिम परिवार में गोदभराई की रस्म दिखाई गई है – देखिए ये रिपोर्ट

#VandeMataram #TanishqAd #HinduMuslim

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49 comments

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  • तनिष्क वाली बहू : लेकिन ये रस्म तो आप लोगों में नहीं होती माँ जी..?? तनिष्क वाली अम्मी : चुप कर काफिर, हमारे रस्म में तो खतना, हलाला, मुताह, ये सब होते है, वो TV पे थोड़ी न दिखा सकते हैं।

  • Comment Part 2

    फिल्म बुरी तरह पिट गयी।

    आखिरकार ऐसा क्युँ होता है ? यह होता है बहुसंख्यकों के एक वर्ग को सांप्रदायिक बना देने के कारण जो मुस्लिम लड़कियों से हिन्दू लड़कों के इश्क और विवाह को सम्मान और "हिन्दुत्व" के विजय के रूप में देखता है तो हिन्दू लड़की और मुस्लिम लड़के के इश्क और विवाह को पराजय और अपमान के रूप में देखता है।

    उसे "लव जेहाद" बताता है।

    होली आते ही किसी नकाब पोश मुस्लिम महिला को रंग लगाते टीकाधारी की गौर्वांवित तस्वीरें वायरल कराना भी उसी मानसिक कुढ़न का एक उदाहरण है।

    एक बार ऐसे ही मैं संजय लीला भंसाली की फिल्म "बाजीराव मस्तानी" देखने थिएटर चला गया। एक मुस्लिम नायिका "मस्तानी" का एक ब्राम्हण राजा "बाजीराव" के महल में उसकी प्रेमिका बन कर नृत्य करना थिएटर में मौजूद दर्शकों में इतना जोश भर गया कि थिएटर में चारों तरफ से "हर हर महादेव" के नारे लगने लगे।

    मुझे याद नहीं आता कि "जोधा अकबर" में किसी ने नारे तकबीर लगाया हो।

    विश्व हिन्दू परिषद और अन्य भगवा संगठन इसी जहर को फैलाने के लिए हिन्दू लड़कों को पुरष्कार का लालच भी देने लगे हैं कि वह मुस्लिम लड़कियों को फंसा कर उनसे विवाह करें। जैसे वह अपने राजपुताना इतिहास की कुढ़न इससे मिटाना चाहते हैं जब हर राजा हार की डर से मुगलों को अपना दामाद बना लेता था।

    आखिर यह कैसी सोच है कि सिनेमा के काल्पनिक चरित्रों में भी धर्म ढूँढ लेती है ? आखिरकार जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर "तनिष्क" के प्रचार के विरुद्ध युद्ध किया वह शहनवाज हुसैन , मुख्तार अब्बास नकवी , नदीम हैदर और एमजे अकबर जैसे मुस्लिम दामादों का बहिष्कार क्युँ नहीं करते।

    तनिष्क ने हिम्मत दिखाई थी तो उसे डटे रहना चाहिए पर बहुसंख्यकवाद के ज़ोर के आगे टिकता कौन है।

    रतन सिंह मानव

  • तनिष्क……

    इस देश में किसी ने यश चौपड़ा से यह शिकायत नहीं की होगी कि आपने "वीर-ज़ारा" में हिन्दू प्रेमी और मुस्लिम प्रेमिका क्युँ दिखाया ? वह भी पाकिस्तानी ?

    उनके जीवित रहते किसी ने उनसे नहीं कहा होगा कि आप ऐसी फिल्म बनाइए जिसमें प्रेमी पाकिस्तानी मुसलमान हो और प्रेमिका एक भारतीय हिन्दू।

    इस देश में "वीर-ज़ारा" हिट रही और यश चौपड़ा की बेहद सफल फिल्मों में से एक थी , मुझे याद नहीं पड़ता कि भारत में किसी मुसलमान ने इस फिल्म का विरोध किया था।

    यही नहीं पाकिस्तान में भी यह फिल्म बेहद सफल रही , वहाँ भी इस फिल्म का विरोध नहीं हुआ।

    फिल्में तो काल्पनिक होती हैं , उनका विरोध भी क्या करना ?

    सनी देयोल की "हैन्ड पंप उखाड़" फिल्म "गदर" का भी किसी ने विरोध नहीं किया था , उसमें भी नायक सरदार "तारा सिंह" और नायिका "सकीना" थी।

    यहाँ तक कि इस फिल्म में कुछ इंटिमेट सीन और "सकीना" को मुस्लिम होने के कारण होने वाली परेशानियों के बारे में भी दिखाया था।

    किसी ने यह नहीं कहा कि इस फिल्म में हीरो पाकिस्तानी पठान और हिरोइन कोई सिखणी क्युँ नहीं रखा।

    मनी रत्नम की फिल्म "बांबे" में तो बकायदा एक नकाबपोश महिला "शहला बानो" का आशिक एक हिन्दू "शेखर मिश्रा नारायण" है , यह फिल्म मुंबई दंगों में दूसरे धर्म के प्रेमी प्रेमिका पर बनी थी।

    किसी ने यह आपत्ती नहीं जताई कि इसमें मनीषा कोयराला को हिन्दू प्रेमिका और अरविंद स्वामी को मुस्लिम प्रेमी क्युँ नहीं बनाया गया।

    राज कपूर की एक फिल्म थी ज़ेबा बख्तियार और रिषी कपूर अभिनित "हिना" उसमें भी हिना मुस्लिम थी और रिषी कपूर प्रेमी के रूप में हिन्दू "चंदर" था।

    इस देश में किसी मुसलमान ने आपत्ती नहीं जताई कि किसी हिन्दू लड़की को पाकिस्तान में नदी के बहाव में बहा कर पाकिस्तानी मुस्लिम से प्रेम क्युँ नहीं दिखाया गया।

    यह मात्र 4 उदाहरण मैंने केवल इसलिए दिया क्युँकि यह भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय फिल्मों में शामिल हैं।

    किसी मुसलमान ने इन फिल्मों का विरोध नहीं किया , मात्र 43 सेकेन्ड के "तनिष्क" के एक ऐड में जाने ऐसा क्या दिख गया कि बड़े से बड़े फेसबुकिया लिबरल के पेट में दर्द होने लगा और उस ऐड का इतना विरोध हुआ कि "तनिष्क" को अपना यह ऐड हटाना पड़ गया।

    यह ऐड केवल इतना था कि किसी "गोद भराई" समारोह का इंतज़ाम करते दो लोग गोल टोपी पहने दिखे तो समारोह में उपस्थित कुछ महिलाएँ हिजाब में दिखीं।

    ना तो उस गर्भवती महिला का नाम दिखा और ना ही उसके पति का। पर समाज में फैली सांप्रदायिकता कब किस पर हावी हो जाए यह निश्चित नहीं।

    दरअसल यह नफरत ही है जो "ज़ारा" , "सकीना" "हिना" और "शहला" को अब धर्म की नज़र से देख रही है वर्ना जब यह फिल्में रिलीज हुईं तब तो हमने केवल उनको एक फिल्मी प्रेमिका के रूप में देखा था।

    यह हकीकत है कि इनका धर्म आज के भारत में पता चला और हमने भी ऐसी फिल्में अब ढूढने की कोशिश की जिनमें प्रेमी मुसलमान और प्रेमिका हिन्दू है तो एक भी सफल या असफल फिल्म नहीं मिली।

    या बनी भी होगी तो विलुप्त हो गयी होगी।

    एक फिल्म "सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान" की अभी बनी "केदारनाथ" जिसको इसी भारत में कोई पचा नहीं पाया , फिल्म का भारी विरोध भी हुआ था। केवल इसलिए कि इस फिल्म का प्रेमी एक मुलमान था और प्रेमिका हिन्दू।

    Part 1…

  • एनएन, बरेली : तीन तलाक और हलाला की एक घटना ने मियां-बीवी को अजीब मुसीबत में डाल दिया है। युवक ने गुस्से में आकर बीवी को तीन तलाक कह दिया। गुस्सा ठंडा हुआ तो बीवी को फिर से पाने के लिए 65 साल के कुंवारे बुजुर्ग से हलाला कराया। हलाला के बाद बुजुर्ग ने बीवी को छोड़ने से इन्कार कर दिया है। अब तलाक से जुदा हुआ यह जोड़ा मदद के लिए मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास पहुंचा। मामला उत्तराखंड के खटीमा का है। एक युवक-युवती की शादी वर्ष 2010 में हुई थी। शादी के तीन साल बाद मियां-बीवी में अनबन हुई तो गुस्से में शौहर ने तलाक दे दिया। इनके दो बेटे हैं। दोनों ने एक-एक बच्चा ले लिया। वर्ष 2016 में दोनों को पछतावा हुआ। बच्चों की खातिर गलती मानते हुए फिर एक होने का इरादा किया। मगर तलाक के बाद हलाला की रस्म आड़े आ गई। इस पर करीब 28 साल की महिला ने खटीमा के ही 65 साल के एक शख्स से निकाह-हलाला किया। शर्त ये थी कि हलाला के बाद वह तुरंत तलाक दे देंगे, लेकिन अब बुजुर्ग शख्स इसके लिए तैयार नहीं हैं। हलाला के बाद उन्होंने महिला को तलाक देने से मना कर दिया। यह कहते हुए कि उन्हें हलाला की बात नहीं बताई गई थी। यह पता होता तो निकाह नहीं करते। अब बीवी को तलाक नहीं दूंगा।

  • 1 se jada shadi karna ..

    talak dena itna aasan ki door se whats app pe 3 baar talak de dena..

    jitna jada bachhe paida karo to kaum ke kiye achha hai..

    bahu hindu chahiye lekin damad hindu nhi chalega…

    muslim mara to desh jala denge.. aur hindu pandit mara to ye to bjp sarkar ki mili bhagat hai..

    waaah kya kaum hai..

  • डायरेक्टर साहब से मेरा यही कहना है कि अगर उनको यह इतना ही अच्छा concept लग रहा है तो वह अपनी बिटिया को मुसलमान के घर में ब्याह कर सकते हैं।

    आप सब इस msg को भी top trand बना दो, ताकि ये डायरेक्टर tk भी पहुंचे, जिसे अभी भी अपनी गलती का एहसास नहीं है।

  • QURAN 2:221
    And do not marry polytheistic women until they believe. And a believing slave woman is better than a polytheist, even though she might please you. And do not marry polytheistic men [to your women] until they believe. And a believing slave is better than a polytheist, even though he might please you. Those invite [you] to the Fire, but Allah invites to Paradise and to forgiveness, by His permission. And He makes clear His verses to the people that perhaps they may remember.

  • यही सहिष्णुता है। अगर ये विज्ञापन उल्टा बनाया गया होता याने हिन्दू घर मे मुस्लिम महिला को प्रेगनेंट दिखाया गया होता तो तनिष्क के 350 शोरूम आग के हवाले हो गए होते।….

  • Tanishq kaise keh reha hai ki ad delete kardi gayi hai jab ki ad youTube pe available hai. Tanishq ko ye ad sabhi sites se bhi delete karvani chahiye. Tanishq ko apology video dalna chahiye aur tab tuk tanishq ka boycott hona chahiye.

  • मातरम,

    इस दीवाली फ्री टाइम में तनिष्क शोरूम में जाएं। बीस तीस लाख रुपए के गहने पसंद करें। शोरूम वालों के कम से कम दो से ढाई घण्टे खराब करिए फिर जब पेमेंट देने की बात आये तो बोल दीजिये, "पैक करके अलग रख दीजिए,

    जैसे ही विवाह के लिए कोई अच्छी मुस्लिम लड़की मिलेगी, पैसे देकर ले जाएंगे।"

    कर के देखिए अच्छा लगेगा।

  • Tum log kuta haramkhor media ho kya kabhi tum log ne EMPLOYMENT, ECONOMY, JOBS, INDUSTRIES, PRIVATISATION ke bareme debate kadaye ho..? MADARCHOD Media tum haramiyon ko sirf real issues divert karne ata hai. Is add se sirf PANDIT OR THAKURON KA DHANDHA CHALTA HAI OR ANYA CASTS KE LOG KO MURKH BANA KAR.
    Tum madarjat kis Hindu ki baat karte ho HATH RAS ME JO LADKI KO JALAYA GYA WOH KISH DHARM SE THI..? Tum madarjat sirf Hindu-Muslim ke nam par TRADITIONAL ECONOMICAL -EDUCATIONAL CASTS SUPREMACY BANAYE RAKHANA CHAHTE HO.

  • Let the Imams of each mosque announce today that.. Muslim.women can marry non muslim men.. and non muslim Marrying muslims don't have to convert to Islam.. and can practice their religion.. this stupidity will end that moment.. done anyone have balls to ask this in public.. and make it happen? Does the editor of quint or owners of quint have balls to tweet the above and make sure they go back home alive..? This is not bloody appeasement era.. it's time to expose the hypocrisy of all these pseudo secular rascals..

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